मैंने नहीं देखा है कभी पापा को
माँ के लिए गिफ्ट खरीदते देते हुए
और न ही
गुलाब के फूल को
माँ के बालों में सहेजते हुए
लेकिन मैंने देखा है पापा को
किचन में रोटियाँ बनाते हुए
और माँ की परवाह करते हुए
और मैंने जाना है
प्रेम की पूर्णता जताने से नहीं
बल्कि एक-दूसरे के लिए जीने से होती है
पंक्तियाँ : पिंकी गुगुप्त
shayari by FIROZALI shayari- dil ki baat shayari ke saath! This is a just a small collection of my shayri's written by ME.:-).through my HEART !!!!!:-):-):-):-)
Sunday, November 19, 2023
मैंने जाना है
मैंने नहीं देखा है कभी पापा को
माँ के लिए गिफ्ट खरीदते देते हुए
और न ही
गुलाब के फूल को
माँ के बालों में सहेजते हुए
लेकिन मैंने देखा है पापा को
किचन में रोटियाँ बनाते हुए
और माँ की परवाह करते हुए
और मैंने जाना है
प्रेम की पूर्णता जताने से नहीं
बल्कि एक-दूसरे के लिए जीने से होती है
पंक्तियाँ : पिंकी गुप्ता
माँ के लिए गिफ्ट खरीदते देते हुए
और न ही
गुलाब के फूल को
माँ के बालों में सहेजते हुए
लेकिन मैंने देखा है पापा को
किचन में रोटियाँ बनाते हुए
और माँ की परवाह करते हुए
और मैंने जाना है
प्रेम की पूर्णता जताने से नहीं
बल्कि एक-दूसरे के लिए जीने से होती है
पंक्तियाँ : पिंकी गुप्ता
Saturday, November 18, 2023
तुम्हारा मिलना
तुम्हारा मिलना
जैसे किसी बच्चे को
उसका मनपसन्द खिलौना मिल जाना
जैसे बारिश के बाद
मिट्टी की सौंधी खुशबू
जैसे शरद पूर्णिमा के
अमृतमयी चांद का दिख जाना
जैसे किसी नवविवाहिता के
मांग पर सुर्ख सिंदूर
जैसे किसी किशोरी को
उसके प्रेमी का पहला स्पर्श
महसूस होना
जैसे अमावस की रात
लाखो दियों का जगमगाना
जैसे माँ ने खुश होकर
बारम्बार चूम लिया हो माथे को
जैसे रेगिस्तान के मुसाफिर को
दिख गया हो जलस्त्रोत
जैसे श्रीकृष्ण का मुरली
के तानों की छेड़ देना
जैसे किसी बेजान जिस्म में
नई सांसो का प्रवाह होना
तुम्हारा मिलना
जैसे मेरे अस्तित्व का मिल जाना|
जैसे किसी बच्चे को
उसका मनपसन्द खिलौना मिल जाना
जैसे बारिश के बाद
मिट्टी की सौंधी खुशबू
जैसे शरद पूर्णिमा के
अमृतमयी चांद का दिख जाना
जैसे किसी नवविवाहिता के
मांग पर सुर्ख सिंदूर
जैसे किसी किशोरी को
उसके प्रेमी का पहला स्पर्श
महसूस होना
जैसे अमावस की रात
लाखो दियों का जगमगाना
जैसे माँ ने खुश होकर
बारम्बार चूम लिया हो माथे को
जैसे रेगिस्तान के मुसाफिर को
दिख गया हो जलस्त्रोत
जैसे श्रीकृष्ण का मुरली
के तानों की छेड़ देना
जैसे किसी बेजान जिस्म में
नई सांसो का प्रवाह होना
तुम्हारा मिलना
जैसे मेरे अस्तित्व का मिल जाना|
कुछ लोग इतना बच-बचकर जीते हैं
कुछ लोग इतना बच-बचकर जीते हैं
कि जिंदगी उन्हें छू भी नहीं पाती।
उनके पास असफल प्रेम की कोई कहानी नहीं होती
किसी के छूट जाने का मलाल नहीं होता।
हर दम कचोटने वाली कोई ख्वाहिश नहीं होती,
किसी से इतना गुस्सा भी नहीं कि
ऊपरवाले से एक कत्ल की इजाज़त मांग सकें।
किसी से इतना मोह भी नहीं कि
उसकी तकलीफ में अकेले में खूब रो लें।
इनके पास न कोई पागलपन का किस्सा होता है
न ही बदन और दिल पर किसी चोट का निशान।
बर्फ की तरह ठंडे लोग
बर्फ जैसे ही बिना आवाज़ किए चुपचाप पिघल जाते हैं।
बचते-बचाते जीते हुए एक दिन
ज़िंदगी के अहसास से ही बचकर मर जाते हैं।
कि जिंदगी उन्हें छू भी नहीं पाती।
उनके पास असफल प्रेम की कोई कहानी नहीं होती
किसी के छूट जाने का मलाल नहीं होता।
हर दम कचोटने वाली कोई ख्वाहिश नहीं होती,
किसी से इतना गुस्सा भी नहीं कि
ऊपरवाले से एक कत्ल की इजाज़त मांग सकें।
किसी से इतना मोह भी नहीं कि
उसकी तकलीफ में अकेले में खूब रो लें।
इनके पास न कोई पागलपन का किस्सा होता है
न ही बदन और दिल पर किसी चोट का निशान।
बर्फ की तरह ठंडे लोग
बर्फ जैसे ही बिना आवाज़ किए चुपचाप पिघल जाते हैं।
बचते-बचाते जीते हुए एक दिन
ज़िंदगी के अहसास से ही बचकर मर जाते हैं।
उदास लड़कों को खोजने के लिए
उदास लड़कों को खोजने के लिए
कोई मोहनजोदाड़ो जैसी खुदाई नहीं करनी पड़ती
दिख जाएंगे कहीं भी, कभी भी
उदास न दिखने की कोशिश करते हुए
मेट्रो या ऑटो की सवारी करते हुए
कभी देखते हुए आसमान को देर रात छत से
कभी गाँव को याद करते हुए
कभी पढ़ते-पढ़ते किसी पन्ने को मोड़कर
सोचते हुए कि स्याला ये तो अपनी कहानी है
कभी समझाते हुए दोस्त को
कि एक समय बाद
सब पटरी पर आ जाएगा
कभी लगाते हुए हिसाब
बहन की शादी के खर्च का
और भी बहुत जगह
दिख जाएंगे तुम्हें उदास लड़के
हँसते हुए, सिगरेट पीते हुए
उदासी छुपाने की कोशिश करते हुए
उदास लड़के।
कोई मोहनजोदाड़ो जैसी खुदाई नहीं करनी पड़ती
दिख जाएंगे कहीं भी, कभी भी
उदास न दिखने की कोशिश करते हुए
मेट्रो या ऑटो की सवारी करते हुए
कभी देखते हुए आसमान को देर रात छत से
कभी गाँव को याद करते हुए
कभी पढ़ते-पढ़ते किसी पन्ने को मोड़कर
सोचते हुए कि स्याला ये तो अपनी कहानी है
कभी समझाते हुए दोस्त को
कि एक समय बाद
सब पटरी पर आ जाएगा
कभी लगाते हुए हिसाब
बहन की शादी के खर्च का
और भी बहुत जगह
दिख जाएंगे तुम्हें उदास लड़के
हँसते हुए, सिगरेट पीते हुए
उदासी छुपाने की कोशिश करते हुए
उदास लड़के।
आजकल शहर की सड़कों पर माँगने का धन्धा चल रहा
आजकल शहर की सड़कों पर माँगने का धन्धा चल रहा है, आपने दिया तो ठीक वरना,भला बुरा सुनिए बेज्जत होइए ; कुछ लोग तो प्यार भी इसी तर्ज पर कर रहे हैं, आपने उनका औचक, मूर्खतापूर्ण प्रस्ताव स्वीकारा तो ठीक, वरना वो आप पर ताने कसेंगें लोगों के बीच आपको गिराना शुरू करेंगे
एक लड़की है जो
एक लड़की है जो
किसी से नहीं कहती अपनी बातें
जब मुश्किल में होती है तो रोक लेती है अपने आँसू
जब आता है उसके सामने एक लड़का तो
निकल आते हैं लड़की की आंख से आँसू
वो रोती है बिना कुछ बताए और
लड़का उसे सहलाता है बिना कुछ पूछें।
वो लड़का भी किसी से नहीं कहता अपनी बातें
जब मुश्किल में होता है तो दिखाता है साहस
जब आती है उसके सामने एक लड़की तो
नहीं दिखा पाता साहस, निकल पड़ते हैं आँसू
वो रोता है बिना कुछ बताए और
लड़की उसे सहलाती है बिना कुछ पूछें।
हर किसी के सामने नहीं निकलते ये आँसू
न ही रुकते है ये हर किसी के सामने
जिनमें भी दिखेगा थोड़ा सा अपनापन
उसके कंधे पर रखकर अपना सर
बिना कुछ बताए खूब रोएगा ये इंसान
और इस तरह निभायेंगे दो लोग
अपना अपनापन।
किसी से नहीं कहती अपनी बातें
जब मुश्किल में होती है तो रोक लेती है अपने आँसू
जब आता है उसके सामने एक लड़का तो
निकल आते हैं लड़की की आंख से आँसू
वो रोती है बिना कुछ बताए और
लड़का उसे सहलाता है बिना कुछ पूछें।
वो लड़का भी किसी से नहीं कहता अपनी बातें
जब मुश्किल में होता है तो दिखाता है साहस
जब आती है उसके सामने एक लड़की तो
नहीं दिखा पाता साहस, निकल पड़ते हैं आँसू
वो रोता है बिना कुछ बताए और
लड़की उसे सहलाती है बिना कुछ पूछें।
हर किसी के सामने नहीं निकलते ये आँसू
न ही रुकते है ये हर किसी के सामने
जिनमें भी दिखेगा थोड़ा सा अपनापन
उसके कंधे पर रखकर अपना सर
बिना कुछ बताए खूब रोएगा ये इंसान
और इस तरह निभायेंगे दो लोग
अपना अपनापन।
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